MAH kya hota hai | battery में MAH क्या होता है ? – पूरी जानकारी

अगर आप ने मोबाइल्स का उपयोग किया है या आप कोई नया फोन खरीदने की सोंच रहे हैं तो आपने बैटरी के MAH के बारे में ज़रूर सोंचा होगा। आखिर MAH kya hota hai सभी मोबाइल्स कमपनी अपने अपने फ़ोन्स की MAH को सुरक्षित तरीके से बढाने में लगी रहती हैं तो चलिए जानते हैं कि MAH kya hota hai.

MAH ka full form है Milli Ampere Hour. इसके नाम मे ही इसकी मानी छुपी हुई है। Ampere जो बिजली की इकाई है और Hour भी एक इकाई है समय का।

MAH वो unit है जो battery के लिए उपयोग किया जाता है। अगर आपके बैटरी की MAH ज्यादा है इसका मतलब की आपके battery की छमता ज्यादा है। इसका ये मतलब कतई नही की आपके MAH ज्यादा है तो मोबाइल, लैपटॉप या किसी भी उपकरण की charge ज्यादा देर तक चलेगी।

अगर आपके फ़ोन में या किसी भी उपकरण में मान लीजिए 5000 MAH बैटरी की पावर है और वो उपकरण 1000 Milli Ampere लेता है एक घंटे में तो आपके फ़ोन की बैटरी पाँच घंटो तक चलेगी लेकिन अगर आपका उपकरण 500 Milli Ampere पवार एक घंटे में लेता है तो बैटरी दस घंटो तक चलेगी।

Battery ki History (बैटरी की इतिहास)

ज्यादा पीछे न जाते हुए आज से 50 या 100 साल पीछे की बात करते हैं। जब टेलीफोन का दौर चल रहा था और उस को चलाने के लिए बिजली का इस्तेमाल किया जाता था, जो बिजली के तार के मदद से किया जाता था पर जब बात आई कि इन उपकरणों के अंदर बैटरी डालने की तो किसी ने नही सोंचा था कि इतनी बड़ी बैटरी को हम इतने छोटे से जगह में कैसे लगाएंगे।

1989 में बहुत मेहनत के बाद बैटरी को उपकरण में इस्तेमाल किया गया। 1970 में आई nickel-hydride बैटरी में बदलाव करके nickel-metal-hydride बैटरी बनाई गई जो phones के साथ साथ जितने भी छोटे छोटे उपकरण थे सब मे इस्तेमाल हुई।

उसी समय के आस पास Lithium-ion बैटरी पर भी खोज किये जा रहे थे। 

आखिरकर 1991 में sony ने Lithium-ion बैटरी को अपने कैमरे में इस्तेमाल करके पूरी दुनिया को इसका संदेश दिया। उसके छः साल बाद 1997 में Lithium pollymer बैटरी को सोनी के साथ साथ Asahi Kasei ने भी इस्तेमाल किया और आज भी हम Lithium की बनी हुई बैटरी का ज्यादातर उपकरणों में इस्तेमाल करते हैं।

अगर ये जानकारी आपको अच्छी लगी तो comment में बताइए और कोई भी सवाल हो तो आप हम से पूछ सकते हैं। आपका धन्यवाद।

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